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कानपुर नगर निगम में अब ई-लॉटरी से होगा टेंडर:12 टेंडरों से शुरुआत, नगर आयुक्त बोले- एक ही जगह दोबारा काम का नहीं बनेगा एस्टिमेट
नगर निगम कानपुर में ई-टेंडरिंग प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीक आधारित बनाने के लिए ई-लॉटरी प्रणाली लागू कर दी गई है। अब ई-टेंडर में दो या दो से अधिक ठेकेदारों द्वारा समान दरें दिए जाने की स्थिति में मैनुअल लॉटरी के बजाय इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ठेकेदार का चयन किया जाएगा। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि इस प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और पारदर्शिता को लेकर होने वाली शिकायतों पर भी अंकुश लगेगा। गुरुवार को अभियंत्रण खंड-4 की कुल 12 निविदा पत्रावलियों की ई-लॉटरी कराई गई। यह प्रक्रिया नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, मुख्य अभियंता और संबंधित प्रतिभागी ठेकेदारों की मौजूदगी में पूरी हुई। अधिकारियों के मुताबिक ई-लॉटरी प्रक्रिया कम समय में पूरी हुई और पूरी तरह पारदर्शी रही। टेंडर प्रक्रिया निष्पक्ष बनाने की ओर कदम नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के साथ ही किसी भी तरह के मिलीभगत की आशंका को खत्म करना है। इसके लिए नगर निगम ने ‘गवर्नमेंट प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम’ सॉफ्टवेयर लागू किया है। इस सिस्टम के माध्यम से किसी परियोजना का एस्टिमेट तैयार करने से लेकर टेंडर प्रक्रिया और काम पूरा होने तक की गतिविधियों को ट्रैक किया जा सकेगा। एस्टिमेट तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी उन्होंने बताया कि सिस्टम में कई सुरक्षा फीचर भी जोड़े गए हैं। एस्टिमेट तैयार करने के लिए संबंधित अधिकारी को साइट पर जाना होगा। एस्टिमेट जीपीएस कोऑर्डिनेट्स के साथ तैयार होगा और साइट पर एस्टिमेट बनाने वाले अधिकारी की फेस रिकग्निशन के जरिए पहचान भी दर्ज की जाएगी। इससे एस्टिमेट तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। नई व्यवस्था में डुप्लीकेसी रोकने का भी प्रावधान किया गया है। किसी स्थान पर पहले काम हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी सिस्टम में दर्ज रहेगी। साइट पर नया एस्टिमेट डालते समय सॉफ्टवेयर पहले से हुए कार्य की जानकारी इंडिकेट कर देगा। इससे एक ही स्थान पर दोबारा अनावश्यक कार्य प्रस्तावित किए जाने की संभावना कम होगी। विवाद की गुंजाइश होगी कम नगर आयुक्त ने बताया कि दो या अधिक पात्र बिडर्स के समान दरें कोट करने पर इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा। इससे मैनुअल लॉटरी में लगने वाला अतिरिक्त समय बचेगा और चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद की गुंजाइश भी कम होगी। साथ ही निविदा स्वीकृति से संबंधित प्रपत्र ऑनलाइन तैयार होने से पत्रावलियों पर कार्रवाई तेजी से की जा सकेगी। नगर निगम का दावा है कि तकनीक आधारित इस व्यवस्था से टेंडर प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी होगी। साथ ही परियोजनाओं की निगरानी बेहतर होने से विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने में भी मदद मिलेगी।
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