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जनता दर्शन में केशव मौर्य ने सुनीं फरियाद:बोले- कोई पीड़ित निराश न लौटे, समस्या का सिर्फ निस्तारण नहीं, स्थायी समाधान हो
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर जनता दर्शन लगाया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों ने जमीन और राजस्व विवाद, पुलिस कार्रवाई, इलाज, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं। मौर्य ने फरियादियों की समस्याएं सुनने के साथ संबंधित अधिकारियों को इनके त्वरित, प्रभावी और समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता दर्शन में आने वाला कोई भी पीड़ित व्यक्ति निराश होकर वापस नहीं जाना चाहिए। शिकायतों का केवल कागजी निस्तारण करने के बजाय यह सुनिश्चित किया जाए कि फरियादी को वास्तविक राहत मिले और उसे अपनी समस्या के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। केशव मौर्य ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर व्यक्ति को न्याय दिलाना और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जरूरतमंद लोगों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि "परेशान न हों, समस्याओं का समाधान भी होगा और सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं भी मिलेंगी।" जनहित सरकार की प्राथमिकता है और प्रत्येक नागरिक की समस्या का समाधान कराने के लिए अधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम करें। सिर्फ शिकायत बंद न करें, समस्या का पूरा समाधान कराएं उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी शिकायत को केवल औपचारिक रूप से निस्तारित न किया जाए। शिकायत के पीछे की वास्तविक समस्या को समझकर उसका स्थायी और संतोषजनक समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में मौके पर जांच की जरूरत है तो अधिकारी स्वयं या टीम भेजकर स्थल का निरीक्षण करें। मौके की वास्तविक स्थिति की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। प्रत्येक प्रकरण में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होनी चाहिए। जमीन विवाद में राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम भेजने के निर्देश जनता दर्शन में भूमि और राजस्व से जुड़े मामले भी बड़ी संख्या में पहुंचे। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए मौर्य ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जरूरत के अनुसार राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी जाए। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों का निस्तारण नियमों के अनुसार निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से किया जाए। अवैध कब्जे और उत्पीड़न से जुड़े मामलों में विशेष गंभीरता बरती जाए। जहां नियमानुसार कार्रवाई जरूरी हो, वहां संबंधित अधिकारियों को कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों की समस्याओं को प्राथमिकता जनता दर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और दिव्यांगजन भी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। मौर्य ने इन वर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कमजोर और जरूरतमंद वर्गों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए। सरकार का उद्देश्य केवल लोगों की शिकायत सुनना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक राहत दिलाना है। जनता दर्शन से मिलती है जमीनी समस्याओं की जानकारी मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन सरकार और आम लोगों के बीच सीधे संवाद का माध्यम है। इससे सरकार को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं की जानकारी मिलती है। अधिकारियों को इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर शिकायत का समाधान तय समय में हो और फरियादी को इसकी जानकारी भी मिले। सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जनता दर्शन के अंत में उप मुख्यमंत्री ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ काम किया जाए, ताकि अपनी समस्या लेकर जनता दर्शन में पहुंचने वाला कोई भी व्यक्ति निराश होकर वापस न लौटे।
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