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Horoscope Secrets: मुकदमे में वादी जीतेंगे या प्रतिवादी? कुंडली के ये Yoga तय करते हैं कोर्ट का Final Result

📰 Prabhasakshi 🕐 1 min read 📅 August 28, 2026 👁 5 views
Horoscope Secrets: मुकदमे में वादी जीतेंगे या प्रतिवादी? कुंडली के ये Yoga तय करते हैं कोर्ट का Final Result
हमारे प्राचीन ग्रंथों में 5 प्रकार के प्रमुख युद्धों का वर्णन किया गया है, वाक् युद्ध, द्यूत युद्ध, मदन युद्ध, मल्ल या द्वन्द युद्ध, सैन्य युद्ध। असल में वाक् युद्ध का मतलब है किसी के साथ वाद-विवाद, शास्त्रार्थ, किसी भी चीज का खंडन या मंडन, किसी टॉपिक पर पक्ष व विपक्ष मौखिक तर्क आदि। वहीं, दो पहलवानों या योद्धाओं की लड़ाई को द्वांद, दो देश की सेनाओं की लड़ाई को सैन्य युद्ध कहा जाता है। यह सब बातें तो हम सभी जानते हैं, लेकिन जब कोई व्यक्ति मुकद्देम दायर करता है, उसे वादी तथा जिस पर मुकद्दमा चलता है वह प्रतिवादी कहलाता है। अब सावल कुंडली में नवम स्थान से द्वितीय स्थान तक 6 भाव वादी का और तृतीय स्थान से अष्टम स्थान पर्यन्त 6 भाव प्रतिवादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसका विचार मुकदमे से संबंधित सवालों पर पूछने पर किया जाता है। कौन जीतता है मुकदमा कुंडली में 9वें स्थान से दूसरे स्थान तक समस्त शुभ ग्रह बलवान होकर बैठे हो, तो मुकद्दमे में अभियोक्ता की जीत होती है। अगर तीसरे स्थान से 8वें स्थान तक समस्त शुभ ग्रह बलवान होकर बैठा हो, तो प्रतिवादी की जीत होती है। जब मिश्रित ग्रहों के बैठने पर दोनों पक्षों में आपस में फैसला होता है। मुकदमा जीतने के प्रश्न कुण्डली के आधार पर योग दरअसल, प्रश्न लग्न वादी का और लग्न से सप्तम स्थान प्रतिवादी का प्रदर्शित करता है। लग्न शुभ ग्रह या लग्नेश हो अथवा लग्न पर शुभ ग्रह और लग्नेश की दृष्टि हो, तो मुकद्दमे में वादी की जीत होती है। अगर सप्तम स्थान में शुभ ग्रह हों या सप्तमेश हो अथवा सप्तम पर शुभ ग्रह की और सप्तमेश दृष्टि हो, तो प्रतिवादी की जीत होती है। अगर प्रश्न लग्न में क्रूर ग्रह हों, तो प्रश्नकर्ता मुकद्दमे में जीतता है और यदि सप्तम स्थान क्रूर ग्रह हो, तो उसका शत्रु जीत जाता है। वहीं, लग्नेश वक्री हो तो वादी की हार होती है। इतना ही नहीं, सप्तमेश व्रकी हो तो प्रतिवादी की हार का सामना करना पड़ता है। लग्न और सप्तम, दोनों जगहों में पापग्रह हो, तो जिस स्थान में अधिक बलवान ग्रह होगा, उससे संबंधित पक्ष की जीत होगी। यदि भाग्य स्थान पर दो पाप ग्रह हों, तो प्रश्नकर्ता की हार और दो या उससे अधिक शुभ ग्रह हो, तो जीत पक्की है।
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