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गोंडा में CNG प्लांट लगाने की चर्चा से भड़के ग्रामीण:सड़क पर उतरे सैकड़ों लोग, बोले- खेती और पर्यावरण के साथ सुरक्षा पर भी पड़ेगा असर
गोंडा के करनैलगंज क्षेत्र के दुदा गांव में प्रस्तावित CNG प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। आबादी के बीच प्लांट लगाए जाने की चर्चा के विरोध में रविवार शाम करीब 6:30 बजे सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि आबादी के बीच प्लांट लगाने का फैसला किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस स्थान पर प्लांट लगाने की बात सामने आ रही है, उसके चारों तरफ आबादी और खेती की जमीन है। उनका कहना है कि ऐसे स्थान पर प्लांट बनने से लोगों की सुरक्षा के साथ खेती-किसानी, पशु-पक्षियों और आसपास के पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से उनकी आशंकाओं को गंभीरता से लेने और आबादी क्षेत्र में प्लांट लगाने की अनुमति नहीं देने की मांग की है। भोपाल गैस कांड का उदाहरण देकर उठाए सवाल प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने भोपाल गैस कांड का उदाहरण देते हुए प्रशासन से सवाल किया कि आबादी के बीच इस तरह के प्लांट की अनुमति क्यों दी जा रही है। उनका कहना है कि किसी भी औद्योगिक परियोजना को आबादी से पर्याप्त दूरी पर स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी तरह की दुर्घटना होने पर लोगों की जान-माल को खतरा न हो। हस्ताक्षर अभियान चलाकर अधिकारियों को भेजा ज्ञापन ग्राम प्रधान उदय भान तिवारी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान चलाकर जिले के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजा गया है। इसमें प्रस्तावित CNG प्लांट को आबादी से दूर स्थापित करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांग पर तत्काल सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। पुलिस को अभी प्लांट की आधिकारिक जानकारी नहीं करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि प्लांट लगाए जाने को लेकर अभी उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की ओर से लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी। फिलहाल पुलिस ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन की जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किन कारणों से ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे हैं।
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