crime
घरेलू हिंसा कानून के तहत निष्पादित न किए गए बॉन्ड की राशि को वसूली योग्य देनदारी नहीं माना जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिस बॉन्ड का वास्तव में निष्पादन (एग्जीक्यूशन) ही नहीं किया गया, उसके कथित उल्लंघन पर किसी व्यक्ति के खिलाफ रिकवरी वारंट जारी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत बॉन्ड भरने के आदेश में तय की गई राशि […]
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