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गैर-इरादतन हत्या के दो दोषियों को 8-8 साल की सजा:जौनपुर में दोनों पर 26-26 हजार रुपए का अर्थदंड, 17 साल पहले मारपीट में हुई थी युवक की मौत
जौनपुर के मछलीशहर थाना क्षेत्र के टटिहर गांव में 17 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने दोनों को आठ-आठ साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 26 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। मामला 27 अक्टूबर 2009 का है। राजबहादुर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि सुबह करीब 8 बजे आपसी विवाद के दौरान मनिलाल, लाल बहादुर और सुरेश ने उन्हें, सरजू और उमेश को लात-घूंसों और लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया था। इलाज के दौरान उमेश की हुई थी मौत मारपीट में गंभीर रूप से घायल उमेश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर फैसला मामले की सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान दर्ज कराए। अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अध्ययन किया। इसके बाद दो आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया गया और उन्हें आठ-आठ साल की सजा सुनाई गई। 17 साल बाद आया अदालत का फैसला करीब 17 साल तक चले मामले में अदालत ने दोनों दोषियों पर 26-26 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला आने के बाद मामले का न्यायिक रूप से निस्तारण हो गया।
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