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गहलोत बोले-सीईसी ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर जेल भेजना चाहिए:आरएसएस और बीजेपी नेता मुझे मैसेज कर रहे कि हमारी पार्टी में हो क्या रहा है?
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर जेल भेजने की मांग की है। गहलोत ने कहा- इनको जेल की सलाखों के पीछे बंद करना चाहिए। लेकिन कार्रवाई करेगा कौन, जब कार्रवाई करने वाले ही इसमें मिले हुए हैं। ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर जो संदेह पूरे देश को पहले से था, उसे अब आयोग के अपने ही सदस्यों ने उजागर कर दिया है। गहलोत ने कहा- यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूरी एनडीए सरकार के लिए बहुत शर्म की बात है कि उन्होंने ऐसे व्यक्ति का चयन किया। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को चयन समिति से बाहर करने के लिए नया कानून लाना ही बताता है कि इनकी मंशा पहले से क्या थी। गहलोत जयपुर आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। चुनाव आयोग बीजेपी का विभाग बनकर रह गया गहलोत ने कहा- निष्पक्ष चुनाव समाप्त हो गए हैं, लोगों का विश्वास उठ गया है। लोग बैलेट पेपर से चुनाव की मांग कर रहे हैं, पर ये सुनना ही पसंद नहीं करते। ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई तो पहले से दबाव में थे, अब चुनाव आयोग भी इनका एक विभाग बनकर रह गया है। आज ही आरएसएस कार्यकर्ता का मैसेज आया यह क्या हो रहा है? सोचा नहीं था इतने करप्ट निकलेंगे गहलोत ने कहा- इनका चाल, चरित्र, चेहरा धरा हुआ रह गया है। आज आरएसएस, बीजेपी के समझदार लोग हमें मैसेज करते हैं, बात करते हैं, साहब ये हो क्या रहा है हमारी पार्टी में? हम तो सोच नहीं सकते थे कि हमारी पार्टी, आरएसएस और बीजेपी के लोग इतने करप्ट निकलेंगे। वो लोग खुल के बोल रहे हैं। एक पार्टी के शासन की तैयारी चल रही गहलोत ने कहा- परिसीमन के जरिए संसद और विधानसभाओं की सीटें अपने हिसाब से तय करने और चीन, रूस व उत्तर कोरिया की तरह एक पार्टी के स्थायी शासन की तैयारी चल रही है। बंगाल और बिहार में जो कुछ हुआ और दिल्ली में जिस तानाशाही तरीके से आयोग चलाया गया, उसे राहुल गांधी लगातार उठाते आ रहे थे। आज वही बात सच साबित हुई है। कोविड-19, एसआईआर, वोट चोरी या चुनाव आयोग हो राहुल गांधी ने हर मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर दो टूक बात की है। लोगों को विश्वास हो गया है कि वे सच बोलते हैं। राजस्थान में एकतरफा परिसीमन किया गया निकाय चुनावों पर गहलोत ने कहा- असम की तर्ज पर यहां भी एक तरफा परिसीमन किया गया। भाजपा को जो सूट किया, उसी हिसाब से चार-चार वार्डों को एक कर दिया गया। कहीं एक वार्ड को दो में बांट दिया गया। इसी के दम पर ये चुनाव जीते हैं। जयपुर, जोधपुर समेत कई जगह वोटों की संख्या में कांग्रेस आगे है। कुल वोटों में केवल 0.94 प्रतिशत पीछे है। चुनावों में सरकार ने गुंडागर्दी की हदें पार कीं, अफसरों ने आईएएस-आईपीएस कैडर को कलंकित किया गहलोत ने कहा- राजस्थान के इतिहास में चुनाव में पहली बार ऐसी हरकतें हुई हैं। हॉर्स ट्रेडिंग, पैसे बांटना, पार्षदों को उठाना, उनके परिवारों को धमकाना, मकान तोड़ने के नोटिस देना और दस-बीस साल पुराने केस खोलना, ऐसा कोई हथकंडा नहीं, जो अपनाया नहीं गया। हरियाणा और उत्तर प्रदेश की पुलिस तक का इस्तेमाल किया गया। जिन अधिकारियों ने सरकार के दबाव में यह सब किया, उन्होंने आईएएस और आईपीएस कैडर को कलंकित किया है। अब तक राजस्थान बंद हो जाना चाहिए था गहलोत ने कहा- मैं सीएम को भला आदमी समझता था, पर मैं सोच नहीं सकता था कि वे इस तरह के चुनाव करवाकर राजस्थान को बर्बाद कर देंगे। ऐसी जीत पर गर्व करना शर्मनाक है।
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