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फतेहपुर में लेखपाल संघ ने धरना दिया:एसीओ-विजिलेंस कार्रवाई का विरोध किया, अयोध्या के लेखपाल पर हुई कार्रवाई की जांच की मांग
फतेहपुर भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) और विजिलेंस टीम की कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शनिवार को एक दिवसीय कलमबंद हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया। फतेहपुर समेत प्रदेश के सभी 75 जिलों की 351 तहसीलों में लेखपालों ने कामकाज ठप कर विरोध जताया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। सोहावल में हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग लेखपाल संघ ने अयोध्या जिले की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्षदीप के खिलाफ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच पुलिस विभाग से स्वतंत्र एजेंसी अथवा एसआईटी से कराई जानी चाहिए। ट्रैप कार्रवाई से पहले पर्याप्त जांच की मांग संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे कठिन परिस्थितियों में गांव-गांव जाकर राजस्व संबंधी कार्यों का निस्तारण करते हैं। भूमि विवाद, पैमाइश और अतिक्रमण जैसे मामलों में उन्हें लगातार दबाव का सामना करना पड़ता है। संघ का आरोप है कि कई मामलों में शिकायत की वास्तविकता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि और संबंधित कार्य लेखपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है या नहीं, इसकी पर्याप्त जांच किए बिना ही ट्रैप की कार्रवाई कर दी जाती है। CCTV और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की समीक्षा की मांग लेखपाल संघ ने प्रकरण से जुड़े CCTV फुटेज, वायरल वीडियो, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, शिकायत और प्री-ट्रैप प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की। संघ ने कहा कि पूरे मामले की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई न हो। झूठी शिकायत करने वालों पर भी कार्रवाई की मांग संघ ने मांग की कि केवल मौखिक शिकायत या सामान्य आरोप के आधार पर किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई न की जाए। यदि किसी कर्मचारी को झूठी शिकायत, षड्यंत्र या जबरन फंसाने का प्रयास प्रमाणित होता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए। लेखपालों ने ट्रैप और विभागीय कार्रवाई को लेकर स्पष्ट एवं पारदर्शी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी करने की मांग भी की। शाम 5 बजे तक चला धरना, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी फतेहपुर में लेखपालों का धरना दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुआ और शाम करीब 5 बजे तक चला। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है।
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