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फर्जी सैलरी स्लिप लगाकर 14 लाख का लोन लिया:कानपुर में 9 महीने बाद आरोपी गिरफ्तार; नौकरी नहीं करता था, SBI से रुपए लिए
कानपुर के कल्याणपुर में एसबीआई की आईआईटी शाखा से फर्जी सैलरी स्लिप और कूटरचित दस्तावेज लगाकर 14 लाख रुपये का एक्सप्रेस क्रेडिट पर्सनल लोन लेने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मुकदमा दर्ज होने के करीब नौ महीने बाद शनिवार को पुलिस ने उसे आईआईटी-कल्याणपुर जीटी रोड से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। 2023 में लिया था 14 लाख का लोन बैंक के मुताबिक, तात्या टोपे नगर, रविदास पुरम, उद्योग नगर निवासी शिवम ने 13 जनवरी 2023 को एसबीआई की आईआईटी शाखा से 14 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया था। उसकी मासिक किस्त 27,663 रुपये तय हुई थी। लोन लेने के बाद उसने कुछ समय तक किस्तें जमा कीं, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। 11 जून 2024 को उसका लोन खाता अनियमित हो गया। बैंक के अनुसार, खाते पर इस समय 12 लाख 29 हजार 47 रुपये से अधिक की रकम बकाया है। कई बार संपर्क करने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर बैंक ने लोन के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों की जांच कराई। जिस संस्थान की स्लिप लगाई, वहां नौकरी ही नहीं करता था जांच में पता चला कि शिवम ने अपनी नौकरी के प्रमाण के तौर पर पशु जैविक औषधि संस्थान के उपनिदेशक के नाम से जारी सैलरी स्लिप बैंक में लगाई थी। बैंक ने संबंधित विभाग से दस्तावेज का सत्यापन कराया तो सामने आया कि शिवम उस संस्थान में कभी नौकरी नहीं करता था। उसके नाम से कोई सैलरी स्लिप भी जारी नहीं की गई थी। लोन स्वीकृत कराने के दौरान आरोपी ने बैंक में अंडरटेकिंग, शपथपत्र और बैंक इकरारनामा समेत कई दस्तावेज जमा किए थे। फर्जी दस्तावेज सामने आने के बाद बैंक ने उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की। थाने में सुनवाई नहीं हुई तो कोर्ट पहुंचा बैंक बैंक के ब्रांच ऑपरेशन मैनेजर चिन्मय आदित्य मिश्रा ने 19 मई 2025 को कल्याणपुर थाने में शिकायत दी थी। आरोप है कि पुलिस स्तर पर मुकदमा दर्ज नहीं होने के बाद बैंक अधिकारी ने एसीजेएम कक्ष संख्या-2 की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर कल्याणपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। शनिवार को मुखबिर की सूचना पर उसे आईआईटी-कल्याणपुर जीटी रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब लोन के लिए लगाए गए अन्य दस्तावेजों और फर्जी सैलरी स्लिप तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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