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फर्जी फसल बीमा कर लाखों की ठगी, 4 गिरफ्तार:बैंक खातों का इस्तेमाल कर उठाया क्लेम; 3 लाख कैश-स्कॉर्पियो जब्त
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का नागौर की पांचौड़ी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से किसानों के फसल बीमा से जुड़े दस्तावेज, फर्जी फॉर्म, करीब 3 लाख रुपए कैश और स्कॉर्पियो कार जब्त की गई है। पांचौड़ी पुलिस के मुताबिक- गिरोह के मेंबर किसानों के खेतों का फर्जी तरीके से फसल बीमा करवाते और बीमा क्लेम उठाकर रकम हड़पते थे। गिरोह के सियाराम लोयल, रविन्द्र, तरुण लोयल और सुखवीर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने एक शिकायतकर्ता के खेत का बीमा कराकर 4 लाख 70 हजार 168 रुपए का क्लेम उठाया था। जांच में सामने आया कि आरोपी किसानों के नाम से फर्जी फसल बीमा करवाने के लिए फर्जी फॉर्म और दस्तावेज तैयार करते थे। 13 अगस्त को दर्ज हुई थी रिपोर्ट मामले में दुजासर (नागौर) निवासी राजेश पुत्र रामलाल जाट ने पांचौड़ी थाने में रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में राजेश ने बताया- मेरी बेटी सुमित्रा के नाम दर्ज खेतों का क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के जरिए फर्जी तरीके से फसल बीमा करवा दिया गया। जानकारी की तो सामने आया कि बीमा प्रक्रिया में उसके दस्तावेजों और बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की तो पता चला कि यह एक गिरोह का काम है जिसमें कई लोग शामिल हैं। ये लोग किसानों के नाम-पते और दस्तावेज जुटाकर उनके खेतों का फसल बीमा करवाते थे। इसके बाद बीमा क्लेम की राशि अपने गिरोह से जुड़े लोगों के खातों में मंगवाकर निकाल लेते थे। इस तरीके से आरोपियों ने कई किसानों के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी की। चार आरोपियों से पूछताछ, अन्य की तलाश पुलिस ने मामले में सियाराम लोयल पुत्र परसाराम जाट, रविन्द्र पुत्र श्रवणराम जाट, तरुण लोयल पुत्र परसाराम जाट और सुखवीर पुत्र ताजूराम जाट को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह में करीब 10-12 अन्य लोगों के साथ स्टाम्प वेंडर, नोटरी, बीमा कंपनी के तहसील कॉर्डिनेटर, जिला कॉर्डिनेटर और एजेंट की भूमिका भी सामने आई है। इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस टीम की कार्रवाई एसपी आशा राम चौधरी के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक जुगाराम और पांचौड़ी थाना प्रभारी के सुपरविजन में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच में फसल बीमा के नाम पर किसानों से की गई अन्य धोखाधड़ी के मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
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