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चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले का विरोध:आजाद समाज पार्टी ने किया प्रदर्शन, बाराबंकी पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए हमले के विरोध में सुल्तानपुर में आवाज उठाई गई है। रविवार शाम 4:30 बजे आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष राज कुमार भीम ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजा। इसमें दोषियों और संबंधित पुलिस प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र के अनुसार, यह घटना 13 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे हुई थी। चंद्रशेखर आजाद गोंडा जिले में विनोद साहनी की हत्या के बाद उनके पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। आरोप है कि जैसे ही उनका काफिला रामनगर के पास पहुंचा, वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन पर पत्थर और जूते फेंकना शुरू कर दिया। ज्ञापन में आजाद समाज पार्टी ने आरोप लगाया है कि जब पत्थर और जूते फेंके जा रहे थे, तब मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और अधिकारी मौजूद थे। इसके बावजूद पुलिस ने हमलावरों को रोकने की कोशिश नहीं की। बल्कि, उन्होंने चंद्रशेखर आजाद के काफिले को ही रोक दिया। पत्र में यह भी बताया गया है कि जब सांसद चंद्रशेखर आजाद अपने काफिले के साथ वापस लौट रहे थे, तब भी पुलिस की मौजूदगी में ही कुछ लोगों ने काफिले की कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। आरोप है कि पुलिस इस दौरान चुपचाप देखती रही। आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष राज कुमार भीम ने सरकार और बाराबंकी पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर बाराबंकी पुलिस ने कुछ लोगों को इकट्ठा करके दंगा कराने की नीयत से इस घटना को अंजाम दिया। ज्ञापन के जरिए राष्ट्रपति से गुहार लगाई गई है कि बाराबंकी पुलिस प्रशासन को इस घटना का जिम्मेदार माना जाए। साथ ही, लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए सांसद पर हमले की साजिश रचने और सांप्रदायिक दंगा भड़काने के आरोप में दोषियों और पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई के आदेश देने की मांग की गई है।
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