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चित्रकूट में नवजात को ले जा रही एंबुलेंस खराब हुई:ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बाइक से अस्पताल पहुंचाया, जांच के निर्देश
चित्रकूट में गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाए जा रहे नवजात की डायल-108 एंबुलेंस रास्ते में खराब हो गई। एंबुलेंस काफी कोशिश के बाद भी स्टार्ट नहीं हुई तो ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सिपाही अजय यादव ने नवजात और उसके परिजनों को अपनी बाइक से जिला अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने से नवजात की जान बच गई। अस्पताल पहुंचने से पहले बंद हुई एंबुलेंस बुधवार देर रात शहर कोतवाली क्षेत्र में एलआईसी चौराहे के पास की है। मानिकपुर सीएचसी से गंभीर हालत में नवजात को जिला अस्पताल रेफर किया गया था। परिजन उसे डायल-108 एंबुलेंस से लेकर जिला अस्पताल आ रहे थे। अस्पताल पहुंचने से कुछ पहले एलआईसी चौराहे के पास अचानक एंबुलेंस बंद हो गई। चालक ने एंबुलेंस को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने राहगीरों और नवजात के परिजनों की मदद से एंबुलेंस को धक्का लगाकर चालू करने का प्रयास किया। काफी कोशिश के बाद भी एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हो सकी। हालत बिगड़ती देख सिपाही ने बाइक से पहुंचाया एंबुलेंस खराब होने से नवजात की हालत बिगड़ती देख ट्रैफिक सिपाही अजय यादव ने तुरंत मदद की। उन्होंने नवजात और उसके परिजनों को अपनी बाइक पर बैठाया और बिना देर किए जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने नवजात का इलाज शुरू किया। परिजनों के मुताबिक, समय पर अस्पताल पहुंचने से नवजात को तत्काल उपचार मिल सका और उसकी जान बच गई। एंबुलेंस को धक्का लगाने का वीडियो वायरल घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें ट्रैफिक पुलिसकर्मी और अन्य लोग एंबुलेंस को धक्का लगाते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद जिले की एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सभी एंबुलेंस की जांच के निर्देश अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने 102 और 108 एंबुलेंस सेवा के जिला अधिकारी से बात की है। सभी एंबुलेंस की तकनीकी जांच कराने और उनकी स्थिति दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में मरीजों को रास्ते में इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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