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बदायूं में हिंदी दिवस पर गूंजीं कविताएं:अबुतुराब ने प्रतियोगिता में मारी बाजी; एमए टॉपर इला सक्सेना सम्मानित
सहसवान के संघटक राजकीय महाविद्यालय में हिंदी विभाग और 'ममता सेवी संस्था' के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस के अवसर पर शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम और कविता वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस वर्ष इस आयोजन की थीम 'हिंदी एक दिन नहीं, हर दिन' रखी गई थी, जिसके तहत छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय गीतकार डॉ. उर्मिलेश शंखधार की कविताओं का सस्वर वाचन किया। निर्णायक मंडल (डॉ. सरला चक्रवर्ती, दीप्ति गुप्ता और ओजस्वी जौहरी) के निर्णय के अनुसार प्रतियोगिता में अबुतुराब समर ने प्रथम, जिकरा बी ने द्वितीय और गुलिस्तां बी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जिकरा बी ने सरस्वती वंदना, अब्दुल सहसवानी ने गजल, सना बी ने हिंदी-उर्दू पर कविता और शौफ मोहम्मद ने हास्य रचना प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। दिल्ली से छात्र खाबर हसन ने भी ऑनलाइन जुड़कर अपने विचार रखे। इस अवसर पर एमए (होम साइंस) की टॉपर इला सक्सेना को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। साहित्य से विकसित होता है मौलिक चिंतन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं ममता सेवी संस्था की संस्थापक डॉ. ममता नौगरैया ने कहा कि ऐसे साहित्यिक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में मौलिक चिंतन का विकास होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. गुरुदीप सिंह उप्पल ने कहा कि हिंदी वह भाषा है जिसमें व्यक्ति अपने भाव सबसे सहजता से व्यक्त कर सकता है। वहीं, कार्यक्रम का संचालन कर रहीं डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी ने छात्रों से घर और सोशल मीडिया पर हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने की अपील की। सेल्फी प्वाइंट और हुनर हाट ने मोहा मन समारोह में विद्यार्थियों के लिए बनाए गए सेल्फी प्वाइंट, रंगोली, हुनर हाट और गोलगप्पा स्टॉल आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। मुख्य अतिथि डॉ. ममता नौगरैया ने महाविद्यालय को अपनी लिखी विभिन्न पुस्तकें भी भेंट कीं और शिक्षकों को पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि ओजस्वी जौहरी और विष्णु असावा सहित डॉ. सुरजीत सिंह मौर्य, डॉ. शुभ्रा शुक्ला, डॉ. रजनी गुप्ता, डॉ. सौरभ नागर, डॉ. ब्रह्मस्वरूप सिंह व अन्य शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
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