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बिना कोचिंग पण्डो छात्र का MBBS में चयन:कृषि-मजदूरी पर निर्भर परिवार, सर्व समाज ने आर्थिक सहयोग कर दाखिला कराया
बलरामपुर-रामानुजगंज। विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) से आने वाले पण्डो समुदाय के छात्र अरविंद कुमार पण्डो ने NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर MBBS में दाखिला हासिल किया है। उनका चयन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय पं. जवाहर लाल नेहरू, रायपुर में हुआ है। सीमित संसाधनों और बिना किसी कोचिंग के पढ़ाई कर हासिल की गई यह सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि अरविंद अपने परिवार में डॉक्टर बनने वाले पहले सदस्य होंगे। खेत और मजदूरी पर निर्भर परिवार, फिर भी नहीं छोड़ी पढ़ाई अरविंद का परिवार कृषि और दैनिक मजदूरी पर निर्भर है। परिवार में अब तक किसी सदस्य ने उच्च शिक्षा हासिल नहीं की थी। आर्थिक परेशानियों के बावजूद अरविंद ने मेहनत जारी रखी और NEET में सफलता हासिल की। मेडिकल कॉलेज में चयन के बाद उनके सामने दाखिले की फीस जमा करने की चुनौती आ गई। 29 अगस्त अंतिम तारीख थी और करीब 40 हजार रुपए की कमी पड़ रही थी। परिवार ने खेत-जमीन गिरवी रखने का प्रयास किया, लेकिन आर्थिक मदद नहीं मिल सकी। सोशल मीडिया अपील से जुटे 67,900 रुपए मुश्किल समय में समाजसेवी उदय कुमार पण्डो ने सोशल मीडिया के माध्यम से अरविंद की फीस के लिए सहयोग की अपील की। इसके बाद पण्डो समाज, सर्व आदिवासी समाज और अन्य समुदायों के लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। देखते ही देखते 67,900 रुपए की राशि चंदे के रूप में जुट गई। इससे अरविंद का मेडिकल कॉलेज में समय पर दाखिला सुनिश्चित हो सका। बोले- डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है अरविंद ने अपनी सफलता को समाज के संघर्ष और शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि समाजसेवी उदय कुमार पण्डो के शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों से उन्हें प्रेरणा मिली। अरविंद का सपना है कि डॉक्टर बनने के बाद वे गरीब, वंचित और विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों की निःस्वार्थ सेवा करें।
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