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बेमेतरा में भैंसा पंचायत सरपंच के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट के सामने धरना, विकास कार्यों में अनियमितता की जांच की मांग
बेमेतरा में ग्राम पंचायत भैंसा के सरपंच के खिलाफ ग्रामीणों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और पंच मुख्य द्वार पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए सरपंच के खिलाफ जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने सरपंच, उपसरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए धरना भी दिया। ग्रामीणों ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें पंचायत के विकास कार्यों और सरपंच की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र के लिए भूमि उपलब्ध कराने, प्राथमिक शाला के नवीन भवन और अतिरिक्त कक्षों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों में पंचायत स्तर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। विकास कार्यों में पंचायत पर सहयोग नहीं करने का आरोप ग्रामीण सेवकराम साहू ने बताया कि इथेनॉल कंपनी गांव के विकास के लिए सहयोग देने की बात कह रही है, लेकिन पंचायत स्तर पर जमीन उपलब्ध कराने और विकास कार्यों की प्रक्रिया में सहयोग नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की आंगनबाड़ी भी लीज की जमीन पर संचालित हो रही है। ग्रामीण सोनम शर्मा ने आरोप लगाया कि गांव का स्कूल जर्जर हालत में है और सामुदायिक भवन पर ताला लगा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि इन समस्याओं को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सरपंच, उपसरपंच और सचिव पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पुलिस बल तैनात किया गया था। ग्रामीणों को मुख्य गेट के पास ही रोका गया। इसके बाद जनपद पंचायत के सीईओ नवीन मसीयारे मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से ज्ञापन लिया। इस दौरान तहसीलदार अनिरुद्ध मिश्रा और नायब तहसीलदार जयंत पटले भी उपस्थित थे। CEO बोले- पंचायत प्रस्ताव की प्रक्रिया पूरी जनपद पंचायत के सीईओ नवीन मसीयारे ने बताया कि ग्रामीणों के ज्ञापन में पंचायत की विभिन्न समस्याओं का उल्लेख किया गया है। उन्होंने बताया कि आरओ प्लांट को लेकर पंचायत प्रस्ताव नहीं होने की शिकायत की गई थी, लेकिन सचिव के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्ताव हो चुका है। आरओ प्लांट के लिए वार्ड नंबर-9 में स्थान भी तय किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए भी पंचायत स्तर पर प्रस्ताव हो चुका है। अन्य मांगों और शिकायतों पर नियमानुसार प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। अविश्वास प्रस्ताव की भी मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से पंचायत के कार्यों और सरपंच की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही जांच में यदि अनियमितता या कार्रवाई का आधार सामने आता है तो नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करने तथा आवश्यकता पड़ने पर अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर पंचायत में तालाबंदी कर आंदोलन तेज किया जाएगा।
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