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बलिया में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास:हत्या कर शव नाले में फेंकने के मामले में कोर्ट का फैसला
बलिया में एक हत्या के मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कनविक्शन' अभियान के तहत आया है। थाना मनियर में दर्ज हत्या के मुकदमे में राजेंद्र सोनार पुत्र रामबचन सोनार और अमित उर्फ मंटू पुत्र राजेंद्र सोनार (निवासी जापलिनगंज नया चौक, थाना कोतवाली, बलिया) को दोषी पाया गया। न्यायालय ने गुरुवार को इन अभियुक्तों को धारा 302/34 भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन सश्रम कारावास और 10,000-10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर उन्हें तीन-तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके अतिरिक्त, साक्ष्य छिपाने के आरोप में धारा 201 भारतीय दंड संहिता के तहत दोनों को पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000-5,000 रुपये का अर्थदंड भी सुनाया गया। अर्थदंड न देने पर दो-दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा। अभियुक्तों ने वादी के पिता की गला रेतकर हत्या की थी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को क्षत-विक्षत कर बोरे में भरकर नाले में फेंक दिया था। इस घटना के संबंध में स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। बलिया पुलिस के मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी के कारण यह फैसला संभव हो सका। इस मामले में अभियोजन अधिकारी ए.डी.जी.सी. अशोक कुमार ओझा रहे।
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