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बालाघाट में 22 बैगा बच्चों की मौत पर आक्रोश:आदिवासी समाज ने आंबेडकर चौक तक निकाला कैंडल मार्च; 20 लाख मुआवजे की मांग
बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड में पिछले ढाई महीने में 22 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के विरोध में गुरुवार शाम आदिवासी समाज का गुस्सा फूट पड़ा। आदिवासी समाज ने नगर में कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप लगाया। जयस्तंभ से आंबेडकर चौक तक निकला कैंडल मार्च यह कैंडल मार्च नगर के जयस्तंभ चौक से शुरू होकर काली पुतली चौक होते हुए आंबेडकर चौक पर समाप्त हुआ। वहां समाज के लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर मृत बैगा बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा और अधिकारियों के निलंबन की मांग आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष दिनेश धुर्वे ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बच्चे कुपोषण का शिकार हैं, लेकिन प्रशासन केवल 8 मौतों को ही स्वीकार कर रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे, जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन और पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपए की सहायता राशि देने की मांग की। उग्र आंदोलन की दी चेतावनी परिषद के अध्यक्ष शुभम उईके ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बैगा समाज के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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