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बाल अधिकार आयोग सदस्य ने स्कूलों और मदरसे का निरीक्षण:वंदे मातरम् अनिवार्य करने, पॉक्सो समिति बनाने के दिए निर्देश
मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य अर्चना गुप्ता ने गुरुवार दोपहर दमोह में स्कूलों, मदरसों, प्राथमिक स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और बाल अधिकारों से जुड़े प्रावधानों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। आयोग की सदस्य अर्चना गुप्ता ने दमोह के सेंट जॉन्स स्कूल, जेपीबी स्कूल और एक मदरसे का दौरा किया। उन्होंने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से जानकारी ली और निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) समिति का गठन किया जाए। इसका उद्देश्य बच्चों से संबंधित शिकायतों और उनकी सुरक्षा के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। आयोग सदस्य ने जताई नाराजगी सेंट जॉन्स स्कूल में निरीक्षण के दौरान बच्चों से 'गुड टच-बैड टच' के संबंध में जानकारी ली गई। बच्चों को इसकी पर्याप्त जानकारी नहीं होने पर अर्चना गुप्ता ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बिना लाइसेंस बच्चों के वाहन चलाने पर भी आपत्ति जताई और स्कूल प्रबंधन को बच्चों को नियमित रूप से बाल सुरक्षा एवं 'गुड टच-बैड टच' के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों को पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार किया जाए। निरीक्षण के दौरान शिकायत पेटी की व्यवस्था को लेकर भी आयोग की सदस्य ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत पेटी ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां बच्चों की शिकायत की गोपनीयता बनी रहे और वह सीसीटीवी कैमरे की सीधी निगरानी में न हो। इससे बच्चों को बिना डर अपनी समस्या या शिकायत बताने का अवसर मिलेगा। इस निरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति दमोह के अध्यक्ष दीपक तिवारी सहित समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। कस्तूरबा वार्ड का मदरसा मिला बंद निरीक्षण के दौरान कस्तूरबा वार्ड स्थित दाउल उलूम आला हजरत रजा ए मुस्तफा मदरसा बंद मिला। मौके पर कर्मचारी भी अनुपस्थित पाए गए। इस पर अर्चना गुप्ता ने नाराजगी जताते हुए मामले में संबंधित स्तर पर कार्रवाई किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों में कर्मचारियों की उपस्थिति और व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। ये भी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति दमोह के अध्यक्ष दीपक तिवारी एवं समिति के सदस्य मौजूद रहे। आयोग की सदस्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल अधिकारों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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