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बिजली विभाग ने निगम कार्यालय की रोकी बिजली सप्लाई:निगम ने 1 घंटे में जमा किया 41 लाख रुपए तो हुई बिजली बहाल, बीजेपी बोली- महापौर गैरजरूरी कार्यों पर खर्च कर रहे पैसे
भिलाई नगर निगम के तीन जोन कार्यालयों की बिजली बकाया बिल के चलते कुछ समय के लिए बंद हो गई। करीब दो से तीन घंटे तक बिजली बंद रहने से जोन कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। निगम प्रशासन को इसकी जानकारी मिलते ही बिजली विभाग से संपर्क किया गया और बकाया राशि जमा कराई गई। इसके बाद तीनों जोन कार्यालयों में बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। इधर बताया जा रहा है कि नगर निगम का करीब 195 करोड़ बकाया है। नगर निगम की ओर से करीब 41 लाख रुपए बिजली बिल के भुगतान के लिए जमा किए गए हैं। निगम के उपायुक्त दीपक कोसरिया ने बताया कि कुछ जोन कार्यालयों में बिजली बिल की राशि बाकी थी। इनमें जोन क्रमांक-1, जोन क्रमांक-3 और एक अन्य जोन कार्यालय शामिल था। जैसे ही इसकी जानकारी निगम आयुक्त को मिली, उन्होंने तत्काल बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। उपायुक्त के अनुसार बकाया राशि के भुगतान की कार्रवाई तत्काल की गई। करीब एक घंटे के अंदर संबंधित जोन कार्यालयों की बिजली दोबारा शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि जोन क्रमांक-1 में करीब 9 लाख रुपए का बिजली बिल बकाया था। इसी तरह दूसरे जोन कार्यालयों में भी बिल की राशि बाकी थी, जिसका भुगतान कर दिया गया है। मरीज का आयुष्मान कार्ड बनवाने पहुंचे पूर्व पार्षद ने भी देखा बिजली बंद इसी दौरान भाजपा के पूर्व पार्षद ललित मोहन ने भी जोन कार्यालयों में बिजली बंद होने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि वे सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती एक मरीज का आयुष्मान कार्ड बनवाने गए थे। इसी दौरान उन्हें बिजली बंद होने की जानकारी मिली। ललित मोहन ने निगम की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर निगम को पहले जरूरी सेवाओं और बिजली बिल जैसे खर्चों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने ट्यूबलर पोल, बैडमिंटन ग्राउंड, वर्टिकल गार्डन और दूसरी योजनाओं पर होने वाले खर्च का जिक्र करते हुए कहा कि इन कामों की जरूरत और खर्च की समीक्षा की जानी चाहिए। शहर में ज्यादातर जगह पर स्ट्रीट लाइट बंद बीजेपी के पार्षद महेश वर्मा ने बताया कि अगर बिजली बिल का भुगतान समय पर नहीं हुआ तो आगे स्ट्रीट लाइट पर भी असर पड़ सकता है। शहर में ज्यादातर सड़कों की स्ट्रीट लाइटें रात में बंद रहती है। इससे शहर में अंधेरा होने पर दुर्घटना और चोरी जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। महापौर बोले- निगम की बिजली काटने की बात सही नहीं मामले में महापौर नीरज पाल ने कहा कि यह पहली बार है जब जोन कार्यालय की बिजली काटे जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि कुछ जगह बिजली बंद होने की जानकारी मिली थी, जहां बिजली बिल अधिक आ रहा था। महापौर ने कहा कि निगम और बिजली विभाग दोनों सरकार के विभाग हैं, इसलिए निगम की बिजली काटे जाने की बात सही नहीं है। उन्होंने मामले की सही जानकारी लेने की बात कही। फिलहाल बकाया राशि जमा होने के बाद संबंधित जोन कार्यालयों में बिजली बहाल हो चुकी है और कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है। निगम उपायुक्त बोले- कर दिया है बिजली बिल का भुगतान इधर निगम के उपायुक्त दीपक कोसरिया ने बताया कि कुछ जोन कार्यालयों का बिजली बिल बकाया था। इसमें जोन क्रमांक-1, जोन क्रमांक-3 और एक अन्य जोन शामिल था। आयुक्त को जानकारी मिलते ही बिजली विभाग से संपर्क किया गया और बकाया राशि जमा करने की कार्रवाई की गई। करीब एक घंटे के अंदर बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। बताया जा रहा है कि नगर निगम की ओर से करीब 41 लाख रुपए का भुगतान किए जाने के बाद संबंधित जोन कार्यालयों में बिजली शुरू हो गई। उपायुक्त के अनुसार जोन-1 में करीब 9 लाख रुपए का बकाया था। अन्य जोन में भी बिजली बिल बाकी था, जिसका भुगतान कर दिया गया है।
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