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भाजपा ने यूपी में 3 नए चुनाव सह-प्रभारी बनाए:सभी विनोद तावड़े को रिपोर्ट करेंगे, जानें क्यों महत्वपूर्ण हैं ये नियुक्तियां?
भाजपा ने बुधवार को यूपी में चार नए चुनाव सह-प्रभारी नियुक्त कर दिए। गुजरात के जगदीश ईश्वर भाई पटेल, मेधा कुलकर्णी, अनंत ओझा और डॉ प्रदीप वर्मा को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। चारों सह प्रभारी यूपी के चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े को रिपोर्ट करेंगे। सह-प्रभारियों को जानिए जगदीश ईश्वरभाई पटेल ये गुजरात से ताल्लुक रखते हैं और भाजपा संगठन में राष्ट्रीय मंत्री के पद पर हैं। जगदीश पटेल सांगठनिक कार्यों और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में माहिर माने जाते हैं। गुजरात के चुनावी और संगठनात्मक मॉडल का अनुभव अब वे उत्तर प्रदेश में बूथ स्तर को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल करेंगे। मेधा कुलकर्णी मेधा कुलकर्णी महाराष्ट्र से भाजपा की वरिष्ठ नेता और वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। वे पुणे के कोथरुड निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व विधायक भी रह चुकी हैं। पार्टी के महिला मोर्चे और सामाजिक समीकरणों को साधने में सक्रिय रही हैं। उत्तर प्रदेश में महिला मतदाताओं (महिला साइलेंट वोटर) को पार्टी से जोड़ने और महिला केंद्रित नीतियों के प्रचार-प्रसार में उनकी अहम भूमिका रहेगी। डॉ. प्रदीप वर्मा डॉ. प्रदीप वर्मा झारखंड भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन में एक लंबे समय से सक्रिय और शिक्षित चेहरा हैं। झारखंड में सांगठनिक विस्तार और चुनावी रणनीति का गहरा अनुभव रखने के कारण, उन्हें उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को प्रबंधित करने तथा पार्टी की समन्वय समितियों को मजबूत करने का जिम्मा मिला है। अनंत ओझा अनंत ओझा भी झारखंड से आते हैं और वे राजमहल विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे पूर्व में भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। युवा नेता होने के नाते ओझा का युवाओं और छात्र राजनीति में अच्छा प्रभाव रहा है। उत्तर प्रदेश में युवा मतदाताओं को आकर्षित करने, सोशल मीडिया रणनीति और डिजिटल कैंपेनिंग के साथ-साथ युवाओं की संगठनात्मक भागीदारी बढ़ाने में इनका विशेष ध्यान रहेगा। ये नियुक्तियां क्यों महत्वपूर्ण हैं? उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने यह कदम उठाया है। मुख्य प्रभारी विनोद तावड़े (राष्ट्रीय महासचिव) के साथ मिलकर यह चारों सह-प्रभारी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों (अवध, काशी, गोरखपुर, ब्रज, पश्चिम और कानपुर) में सांगठनिक स्तर पर बूथ मैनेजमेंट, असंतोष को दूर करने और पार्टी की पकड़ को मजबूत करने का काम करेंगे।
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