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Bank Account Charges: बिना बताए अकाउंट से क्यों कट जाते हैं पैसे? इन सेवाओं के चार्जिस काटता है बैंक, आपको भी रखना चाहिए पूरा हिसाब
Bank Account Charges: आज के समय में लगभग हर व्यक्ति के पास बैंक अकाउंट है. किसी के खाते में हर महीने सैलरी आती है तो किसी के खाते में बिजनेस की कमाई, पेंशन या सरकारी योजना का पैसा आता है. वहीं, कुछ लोगों के खाते में कोई ट्रांजेक्शन नहीं होता है. डिजिटल बैंकिंग और UPI के बढ़ते इस्तेमाल ने बैंकिंग को पहले के मुकाबले काफी आसान बना दिया है. घर बैठे पैसे ट्रांसफर करना, ATM से कैश निकालना और मोबाइल से बैलेंस चेक करने जैसी चीजें अब काफी आसान हो चुकी हैं. बैंक द्वारा आपके खाते से कुछ चार्ज भी वसूले जाते हैं. अक्सर लोगों को तब पता चलता है कि बैंक कोई चार्ज ले रहा है, जब मोबाइल पर मैसेज आता है और अकाउंट बैलेंस उम्मीद से कम दिखाई देता है. चलिए जानते हैं बैंक द्वारा चार्ज क्यों वसूला जाता है. 1. Minimum Balance Maintain न करना कई Savings Accounts में बैंक द्वारा एक निश्चित मिनिमम बैलेंस मेनटेन नहीं किया जाता है, जिसके चलते बैंक आपके खाते से पैसे काट लेता है. अगर ग्राहक निर्धारित बैलेंस से कम रकम रखता है तो बैंक अपने चार्ज वसूलेगा, जोकि बैंक की पॉलिसी होती है. इसलिए अगर आप अपने खाते से चार्ज नहीं लगवाना चाहते हैं तो ऐसे मं आपको मिनिमम बैलेंस मेनटेन करके चलना चाहिए. 2. ATM से ज्यादा ट्रांजैक्शन करने पर हर बैंक की एक ATM से पैसे निकालने की कुछ बार तक की सेवा मुफ्त रहती है, लेकिन अगर आप महीने में कई बार एटीएम से पैसे निकालते हैं, खासकर दूसरे किसी बैंक से तो ऐसे में आपरके बैंक द्वारा इसपर चार्ज वसूला जा सकता है. देखा जाए तो यहां सिर्फ cash withdrawal ही नहीं, बल्कि कुछ स्थितियों में balance enquiry जैसे ATM transactions भी आपके बैंक के लागू नियमों के तहत गिने जा सकते हैं. 3. डेबिट कार्ड के एनुअल चार्ज डेबिचट कार्ड मिलने के बाद कई ग्राहक यह भूल जाते हैं कि कार्ड की सुविधा पर एनुअल फीस भी लागू हो सकती है. अगर आप बैंक के डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो ऐसे में बैंक द्वारा आपका डेबिट कार्ड का शुल्क भी वसूला जाएगा. हालांकि, यह सालाना तौर पर होता है. अगर आपने कार्ड की सुविधा नहीं ली है तो ऐसे में आपको यह चार्ज नहीं देना होगा.
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