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आतंकी कनेक्शन बताकर व्यापारी को 10 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा:डर के मारे आस-पास के लोगों से मिलना छोड़ा, बैंक खाते में डलवाए 4 लाख रुपए
आतंकवादी कनेक्शन बताकर साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग को 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। ठगों ने व्यापारी से 4 लाख रुपए ऐंठ लिए। घर में केवल बुजुर्ग दंपती रहते थे। इसके चलते घटना का किसी को पता तक नहीं चला। मामला भरतपुर जिले की बयाना कोतवाली क्षेत्र का है। ठगों ने बुजुर्ग पर 10 दिन वीडियो कॉल के जरिए नजर रखी। केस रफा दफा करने के एवज में ठगों ने उससे पैसे ऐंठ लिए। कोतवाली थाना प्रभारी रामगिलास गुर्जर ने बताया- पीड़ित व्यापारी चंद्रभान गुप्ता ने 22 सितंबर को थाने में रिपोर्ट दी है। इसके टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत रकम को फ्रीज कराया गया है। 10 सितंबर को ठगों ने किया वाट्सएप कॉल व्यापारी चंद्रभान गुप्ता (65) ने बताया- 10 सितंबर को मैं (व्यापारी) आजादी मंडी स्थित अपनी कपड़े की दुकान पर बैठा था। दोपहर 2 बजे वाट्सऐप पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। सामने बात कर रहे व्यक्ति ने खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताया। साथ ही कहा कि वह पुणे के एक थाने से बोल रहा है। खाते में 50 लाख जमा होने के बात बोलकर डराया ठग ने कहा कि आपका मुंबई की बांद्रा की केनरा बैंक की ब्रांच में खाता है। जिसमें 50 लाख रुपए जमा हुए हैं। ये पैसे आतंकवादी संगठनों ने डाला है। आतंकी आसिफ फाकी ने आपका कनेक्शन है। इसमें आपका कमीशन होता है। आपके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। मामले की जांच होगी। आपके घर- दुकान को सील किया जाएगा। आपकी संपत्ति की जांच होगी। डर के मारे लोगों के साथ बैठना बंद किया व्यापारी ने बताया- ठग के डराने पर मैं बार-बार खुद को बेकसूर बताता रहा। मगर ठग लगातार धमकाता रहा। जब मैं घर लौटा तो ठग ने वीडियो कॉल उठाने के लिए कहा। वीडियो कॉल में पुलिस की वर्दी में बैठे युवक और पुलिस स्टेशन जैसे बैकग्राउंड को देखकर मैं डर गया। इसके बाद ठग वीडियो के जरिए उन पर लगातार नजर रखते रहे। जब भी कोई घर या दुकान पर आता तो ठग उसको लेकर सवाल पूछने लगते। बार-बार जांच को लेकर धमकाते रहते। इस पर मैने दुकान के बाद घर से बाहर जाना और किसी के पास बैठना भी बंद कर दिया। मामला रफा-दफा करने के एवज में मांगे 4 लाख रुपए 14 सिंतबर को साइबर ठग ने मामला रफा-दफा करने के एवज में 4 लाख रुपए मांगे और जम्मू कश्मीर ग्रामीण बैंक का एक खाता नंबर दिया। खाता किसी साहिल नाम के युवक का था। इस पर मैने एचडीएफसी बैंक से अपनी एफडी तुड़वाकर 16 सिंतबर पैसे उस खाते में ट्रांसफर कराए। मगर किसी तकनीकी खराबी के चलते पैसे वापस खाते में आ गए। एक खाते में पैसे नहीं पहुंचे तो दूसरे में मंगवाए 18 सिंतबर को ठगों ने वापस फोन करके कहा कि उनके खाते में पैसे नहीं आए हैं। इस पर मैने खाता चेक किया तो पैसे वापस खाते में आ गए थे। इस पर उन्होंने नागपुर स्थित यस बैंक की एक ब्रांच का खाता नंबर दिया। जिसमें पैसे ट्रांसफर किए। इस दौरान पता चला कि यह पैसा भाग्यश्री ट्रेडिंग कंपनी का है। चंद्रभान ने बताया-पैसे मिलने के बाद ठगों ने उनसे एक पेपर पर लिखवाया कि उसकी किसी आतंकी संगठन से लेना देना नहीं है। उनके खाते में कोई पैसा नहीं आया है। पैसे मिलने के बाद ठगों ने वापस रकम मांगी 19 अगस्त को ठगों ने एक बार फिर उसे फोन किया और फिर से जांच को लेकर डराने लगे। साथ ही कहा कि बचना है तो घर-दुकान बेचकर जो भी पैसा आए सब लगेगा। खबर पढ़ने के बाद ठगी का पता चला 21 सितंबर को मैने दैनिक भास्कर पर डिजिटल अरेस्ट की खबर पढ़ी। इस पर मुझे शक हुआ और व्यापार महासंघ के अध्यक्ष विनोद सिंघल को पूरी बात बताई। इसके बाद दोनों ने 22 सितंबर को थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। घर में अकेले रहते हैं दंपती व्यापारी चंद्रभान ने बताया-घर में वह और उनकी पत्नी रहते हैं। एक बेटा जयपुर में बैंक में नौकरी करता है। वहीं दूसरा नोएडा में एक निजी कंपनी में काम करता है। ऐसे में किसी को भी डिजिटल अरेस्ट रहने की भनक तक नहीं लगी। ... यह खबर पढ़ें राजस्थान सहित 16 राज्यों में CBI की रेड:डिजिटल अरेस्ट के 200 केस में गिरोह पर शिकंजा; 80 से ज्यादा ठिकानों पर छापे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से राजस्थान सहित 16 राज्यों में रेड डाली गई। डिजिटल अरेस्ट गिरोह पर शिकंजा कसते हुए 80 से ज्यादा ठिकानों पर गुरुवार सुबह छापेमारी की गई। सीबीआई ने गिरोह के दो बदमाशों को अरेस्ट किया है। (पढ़ें पूरी खबर)
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