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आज का एक्सप्लेनर:बांग्लादेश चीन से J-10 लड़ाकू विमान खरीदेगा, कहा- 'इसने भारत के राफेल गिराए'; भारत को कैसे घेर रहे चीन-पाकिस्तान
बांग्लादेश ने चीन से J-10CE फाइटर जेट खरीदने का ड्राफ्ट एग्रीमेंट तैयार कर लिया। ये एक सामान्य बात लगती है। लेकिन इसकी घोषणा करते हुए बांग्लादेशी मंत्री जाहिद उर रहमान ने जो दलील दी, वो भारत के लिए ज्यादा चिंताजनक है। रहमान ने कहा- ‘मई 2025 में भारत-पाकिस्तान की जंग के दौरान जिस चीनी J-10C ने भारत के राफेल मार गिराए, बांग्लादेश उसी जेट पर भरोसा जताने जा रहा है।’ हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल गिरने के दावों की आज तक पुष्टि नहीं हो सकी। J-10C फाइटर जेट को लेकर क्या सौदा हुआ, चीन अब कैसे बांग्लादेश की मिलिट्री एडवांस बना रहा और बांग्लादेश का रुख भारत के लिए चिंताजनक क्यों है; आज के एक्सप्लेनर में इन्हीं सवालों के जवाब... सवाल-1: बांग्लादेश और चीन के बीच J-10C को लेकर क्या सौदा हुआ है? जवाब: अभी सौदा हुआ नहीं, सिर्फ मसौदा तैयार हुआ है। ड्राफ्ट एग्रीमेंट के मुताबिक... इस डील के बाद बांग्लादेश, चीनी J-10CE खरीदने वाला दूसरा देश बन जाएगा। पहला पाकिस्तान है। चीनी वायुसेना भी एक सीट वाले मल्टीरोल कॉम्बैट जेट J-10C का इस्तेमाल करती है। बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान के सलाहकार जाहिद उर रहमान ने बताया कि अगर 30 जून 2027 तक डील को बजट में मंजूरी मिल गई, तो खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसी दौरान जाहिद रहमान ने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान जंग में थे, तो भारत का राफेल फाइटर जेट चीन के J-10 ने गिराया था। ये अब साबित हो चुका है। बांग्लादेश ने राफेल के खिलाफ J-10 के परफॉरमेंस पर गौर किया है। चीनी फाइटर जेट, यूरोपियन एयरक्राफ्ट- यूरोफाइटर टाइफून और राफेल से सस्ते भी हैं।’ सवाल-2: क्या वाकई चीनी जेट ने भारत के राफेल मार गिराए थे? जवाब: मई 2025 में पाक सेना प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ के दावे से इस बहस की शुरुआत हुई... भारत का रुख हालांकि 15 जून, 2026 को भारतीय वायुसेना के एक दस्तावेज से पता चला कि उसके पास मौजूद सभी 36 राफेल विमान सही-सलामत और ऑपरेशनल हैं। ये दस्तावेज राफेल के इंजन बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी 'सैफरान एयरक्राफ्ट इंजन्स' को राफेल के मेंटेनेंस के लिए भेजी गई रिक्वेस्ट का था। सवाल-3: भारत के राफेल और चीन के J10 फाइटर जेट में कौन बेहतर? जवाब: अभी दुनिया में 5 सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स हैं। जैसे- अमेरिका के F-22 रैप्टर और F-35 लाइटनिंग II, चीन के J-20 माइटी ड्रैगन और J-35A और रूस का सुखोई-57 फेलॉन। इन्हें 5th जनरेशन फाइटर जेट्स कहा जाता है। राफेल और J-10 दोनों 4.5th जनरेशन के फाइटर जेट्स हैं। भारतीय सेना के रिटायर्ड कैप्टन और एविएशन एक्सपर्ट अभिनय डोगरा कहते हैं, ‘जंग में राफेल, चीन के J-10C से कहीं बेहतर है। राफेल के स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और सेंसर चीन के मुकाबले बहुत मैच्योर और भरोसेमंद हैं। हालांकि J-10C की स्पीड कुछ ज्यादा है।’ ब्रिटेन के एयरपावर और मिलिट्री टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट जस्टिन ब्रॉन्क कहते हैं, ‘राफेल और J-10C की बियॉन्ड विजुअल रेंज, BVR यानी, हवा में दूर से ही होने वाली लड़ाई हो, तो राफेल हर मामले में J-10C से काफी आगे निकलेगा। J-10C का ईंधन बहुत तेजी से खत्म होता है। इसमें लगने वाली चीन की PL-15 मिसाइल्स, राफेल की मेटियोर मिसाइल्स के मुकाबले कमजोर है।’ सवाल-4: बांग्लादेश ने जानबूझकर राफेल और भारत का जिक्र क्यों किया? जवाब: शेख हसीना के पीएम रहते बांग्लादेश का झुकाव भारत की तरफ था। 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना को तख्तापलट के बाद भागकर भारत आना पड़ा था। उसके बाद बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनी और फरवरी 2026 से पीएम तारिक रहमान की पार्टी BNP सत्ता में हैं। सत्ता बदलने के बाद से बांग्लादेश, भारत के बजाय पाकिस्तान-चीन के करीब जा रहा है। इसके कुछ संकेत देखिए... 1. चीन के दौरे, भारत के न्योते का जवाब नहीं दिया 2. अपने डेवलपमेंट प्रोजेक्ट भारत से लेकर चीन को दिए 3. पाकिस्तान-तुर्किये-सऊदी के साथ डील की तैयारी अब चीन से J-10C फाइटर जेट्स के सौदे में राफेल और J-10 की तुलना के बहाने जाहिद रहमान ने भारत के राफेल गिराने के पाकिस्तान के दावे को हवा दी है। जाहिद ने ये भी कहा, '5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश दोबारा आजाद हुआ है। उससे पहले बांग्लादेश अपने हितों के मद्देनजर फॉरेन और डिफेंस पॉलिसी के फैसले नहीं ले पाता था। हम चीनी J-10C खरीदने पर सोच भी नहीं पाते, लेकिन अब हम इसे खरीदने जा रहे हैं।’ विदेशी मामलों के जानकार और JNU के प्रोफेसर राजन कुमार कहते हैं, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बांग्लादेश ने सोच-समझकर बयान जारी किए थे। हालांकि अब BNP सरकार अपनी पुरानी नीति पर चलती दिखाई दे रही है। हसीना से पहले बांग्लादेश की पीएम और तारिक रहमान की मां खालिदा जिया भी एंटी इंडिया स्टैंड के लिए जानी जाती थीं।’ सवाल-5: तो क्या अब चीन, पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश को भी मजबूत कर रहा है? जवाब: 2002 से चीन और बांग्लादेश के बीच डिफेंस एग्रीमेंट है। हथियारों के अलावा दोनों देशों की सेनाएं जॉइंट एक्सरसाइज करती हैं। बांग्लादेश का चीन से फाइटर जेट या हथियार खरीदना भी कोई नई बात नहीं है। कुछ आंकड़े देखिए... बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ पीस एंड सिक्योरिटी स्टडीज के प्रेसिडेंट मेजर जनरल (रिटायर्ड) मुनीरुज्जमान के मुताबिक, बांग्लादेश का नए फाइटर जेट्स खरीदने का प्लान पुराना है, हालांकि अभी ये सौदा बातचीत की स्टेज में है। दरअसल, बांग्लादेश ने 2009 में 'फोर्सेज गोल 2030' नाम का प्लान शुरू किया था। इसके तहत बांग्लादेश की तीनों फोर्सेज को 2030 तक आधुनिक हथियारों से लैस करने की योजना है। इसके तहत बांग्लादेश, चीन से बैटल टैंक, कई मिसाइल्स, रॉकेट लॉन्चर, रडार सिस्टम और F-7 जेट्स और रूस से 16 याक-130 लाइट अटैक एयरक्राफ्ट, MI-17 और कुछ रडार सिस्टम खरीद चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, J-10C बांग्लादेश की विशलिस्ट में तब शामिल हुआ, जब बांग्लादेश एयरफोर्स के चीफ मार्शल हसन महमूद खान ने 2024 में चीन का दौरा किया। उन्होंने चीन से कुछ लड़ाकू जेट और हेलीकॉप्टर खरीदने की बात की। मार्च 2025 में मोहम्मद यूनुस के चीन दौरे पर ये बातचीत आगे बढ़ी। बांग्लादेश चीन से चौथी जनरेशन के कुछ फाइटर जेट्स, अटैक हेलीकॉप्टर और ड्रोन वगैरह खरीदने की भी बात कर रहा है। जनरल मुनीरुज्जमान कहते हैं, ‘बेशक बांग्लादेश को नए लड़ाकू विमानों की जरूरत है, लेकिन आज दुनिया में एक नए तरह का जियो-पॉलिटिकल डिवीजन है। खास तौर पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव है। इसलिए किसी भी देश से जेट खरीदने से पहले इसके राजनीतिक असर की एनालिसिस करना भी जरूरी है।’ सवाल-6: इससे भारत को खतरा क्या है? जवाब: 1971 की जंग हारने के बाद पाकिस्तानी नेवी को बंगाल की खाड़ी से भागना पड़ा था। तब से इस इलाके में पाकिस्तान की मौजूदगी नहीं रही है। पकिस्तान से कोई जंग हुई, तो भी पूर्वी मोर्चे से भारत को कोई बड़ा खतरा नहीं हुआ। हालांकि अब भारत के लिए कई चिंताएं हैं... --------- ये वीडियो भी देखिए... क्या जम्मू-कश्मीर पर भारत के पाले में अमेरिका, अमेरिकी राजदूत सर्जियो बोले- ये भारत का अहम हिस्सा; ट्रम्प का असली मकसद क्या 19 अगस्त 2026 को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर जम्मू-कश्मीर में सीएम उमर अब्दुल्ला से मिले। उन्होंने वहीं से बयान दिया- 'जम्मू-कश्मीर भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मैं यहां पहली बार आया। ये बहुत खूबसूरत जगह है।' पूरी खबर पढ़िए...
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