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56 लाख बच्चों की स्कूल ड्रेस पर सरकार का यू-टर्न:अब सिली यूनिफॉर्म नहीं, खाते में भेजा जाएगा पैसा; कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव
मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8वीं तक के 56 लाख विद्यार्थियों को सिली हुई स्कूल ड्रेस देने के फैसले में अब बदलाव की तैयारी है। अप्रैल से शुरू हुए शैक्षणिक सत्र के करीब आधे से ज्यादा समय बीतने के बावजूद बच्चों को यूनिफॉर्म नहीं मिल सकी है। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग अब कैबिनेट से दोबारा मंजूरी लेकर ड्रेस की राशि विद्यार्थियों के बैंक खातों में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजने की तैयारी कर रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में यूनिफॉर्म वितरण की व्यवस्था बदलने का फैसला लिया गया है। विभाग जल्द ही संशोधित प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखेगा। मंजूरी मिलने के बाद विद्यार्थियों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म के लिए तय राशि सीधे उनके खातों में भेजी जाएगी। जून में कैबिनेट ने लिया था सिली ड्रेस देने का फैसला मोहन कैबिनेट ने जून में कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को दो यूनिफॉर्म सिलाकर देने का फैसला किया था। इसके लिए मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम ने करीब 350 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया था। टेंडर 3 जून को फ्लोट किया गया था। हालांकि टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते यूनिफॉर्म की सिलाई और सप्लाई शुरू नहीं हो पाई। अब अगस्त का महीना भी बीत गया है और बच्चे नई ड्रेस का इंतजार कर रहे हैं। हाईकोर्ट की रोक से अटकी टेंडर प्रक्रिया सिली हुई यूनिफॉर्म की सप्लाई का ठेका एक कंपनी को देने की योजना थी। टेंडर प्रक्रिया को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। इसके बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने टेंडर पर अंतरिम रोक लगा दी। इससे यूनिफॉर्म की सप्लाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब विभाग का मानना है कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर सिली हुई यूनिफॉर्म तैयार कराने और उसे प्रदेशभर के स्कूलों तक पहुंचाने में और समय लगेगा। इसलिए व्यवस्था बदलकर विद्यार्थियों के खातों में सीधे राशि भेजने का विकल्प चुना गया है। इन वजहों से भी बदली जा रही व्यवस्था अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार स्कूल शिक्षा विभाग अब यूनिफॉर्म की व्यवस्था बदलने का प्रस्ताव कैबिनेट में भेजेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद विद्यार्थियों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म की राशि DBT के जरिए भेजी जाएगी। हालांकि प्रति विद्यार्थी कितनी राशि मिलेगी और पैसा कब तक खातों में पहुंचेगा, इसकी जानकारी कैबिनेट के अंतिम फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी। __________________________ यह खबर भी पढ़ें... स्कूल में चाकू दिखाकर लूट, छात्राओं से छेड़खानी:डर के मारे 600 स्टूडेंट्स ने आना छोड़ा मैं जब स्कूल आती हूं, तो रास्ते में नशे में धुत लोग आवाज लगाते हैं। फब्तियां कसते हैं...हर दिन डर के साए में गुजरता है। भोपाल के पंचशील नगर स्थित शासकीय नूतन सुभाष उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा अनन्या की यह बात अब पूरे स्कूल की हकीकत बन चुकी है। यहां छात्राएं असुरक्षा और मानसिक दबाव के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। पूरी खबर पढ़ें
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